श्रीशिवमहापुराण (दो खंड) में भगवान शिव की लीलाएँ, सृष्टि-तत्त्व, भक्ति और शिव-तत्वज्ञान का विस्तृत एवं प्रामाणिक वर्णन है। गीता प्रेस, गोरखपुर का यह ग्रंथ शिवभक्तों के लिए आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति-मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत है।